Blockchain technology क्या हैं ?ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के फायदे !

स्वागत है दोस्तों आज के इस नए Educational (एजुकेशनल) पोस्ट में जहां हम ब्लॉकचेन से संबंधित सभी चीजों को समझेंगे,जैसे Blockchain Technology(ब्लॉकचेन  तकनीकी) क्या है? इसका इस्तेमाल कहां होता है? तथा यह किस किस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।

यह एक कैरियर विकल्प के रूप में कैसे लाभदायक सिद्ध हो सकता है इसके अलावा हम यह भी जानेंगे कि यह किस-किस क्षेत्र,तथा शिक्षा के क्षेत्र में कैसे अपनी सर्विस दे रहा है। तो चलिए सभी चीजों को विस्तार से समझते हैं ।

Blockchain Technology ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी क्या है? In Hindi

पहले अगर हम अपनी जानकारी या तथ्यों को संग्रहित करना होता था। तो हम पुराने जमाने में बहीखाता अर्थात रजिस्टर आदि में लिखकर अपना डाटा संग्रहित करते थे। फिर कंप्यूटर के आने के बाद Excel file(एक्सेल फाइल) आदि में डाटा को save करते थे। परंतु 21वीं शताब्दी में Blockchain Technology ऐसी तकनीकी है जहां हम अपना सारा डाटा तथा इंफॉर्मेशन को व्यवस्थित अथवा स्टोर रखते हैं।

जो सिर्फ एक कंप्यूटर में नहीं कई कंप्यूटरों में स्टोर रहता है जिसके कारण डाटा lose  होने की संभावना शून्य हो जाती है। अर्थात अगर हम सामान्य भाषा में Blockchain Technology को समझे तो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक Distributed  डेटाबेस तकनीक है।

जहां डेटा कई कंप्यूटरों के साथ जुड़ा रहता है। इससे डेटा तथा डेटा से जुड़ी सभी गतिविधियों तथा ट्रांजैक्शन का सभी रिकॉड तथा इससे संबंधित इतिहास की जानकारी संग्रहित रहती है। 

Blockchain Technology की विशेषता –

इसकी अनेक विशेषता है जैसे क्योंकि यह कई कंप्यूटरों से जुड़ा रहता है। अतः अगर एक कंप्यूटर खराब भी हो जाए तो डाटा अन्य कंप्यूटरों में सुरक्षित रहता है। जिससे डाटा को लॉस होने की संभावना ना के बराबर होती है। ब्लॉकचेन में संग्रहित डाटा को आप एडिट नहीं कर सकते हैं जिससे इसमें धांधली होने के चांस बहुत कम हो जाते हैं।

इसके डाटा में बदलाव करना मुश्किल है क्योंकि यह Hash  सिस्टम से लैस रहती है इसलिए इसे हैक करना भी मुश्किल है। इसमें डाटा अपरिवर्तनीय क्रिप्टोग्राफी हस्ताक्षर के साथ संरक्षित रहता है। अतः इसमें अवांछित तरिके से परिवर्तन करना अत्यंत कठिन है।

इसमें सभी रिकॉर्ड पूर्णता गोपनीय रहता है। इसमें त्रुटियों की गुंजाइश बहुत ही कम होती है। विशेषताओं के साथ इसकी कुछ कमियां भी है जैसे यह free  नहीं है यह एक पेड सर्विस है। सबसे बड़ी बात यह एक Decentralized तकनीकी है जिसमें जोखिम भी रहता है। 

Blockchain Technology का इतिहास- 

यूं तो इसकी खोज 1991 में Stuart Haber तथा  W.scott stornetta के द्वारा हुई। परंतु 2009 में यह पहचान में आया। 

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Blockchain Technology कैसे काम करता है ? 

जैसे की हम जान चुके हैं ब्लॉकचेन सूचनाओं को स्टोर तथा डिसटीब्यूट करता है। इसमें सूचनाओं को यह एक समूह में स्टोर करता है। सूचनाओं को एक समूह में स्टोर करने को Block (ब्लॉक) कहते हैं। एक ब्लॉक में  सीमित मात्रा में डाटा को संग्रहित किया जाता है।

एक ब्लॉक को सुचना पूरी तरह स्टोर हो जाने के बाद यह दूसरे ब्लॉक के साथ जुड़कर एक श्रृंखला बनाता है जिसे Blockchain Technology कहते हैं अर्थात सामान्य भाषा में कहें तो यह एक डाटा अथवा इंफॉर्मेशन की चैन तैयार करता है।

जिसे Blockchain Technology कहते है। इसमें सूचना का संग्रह पूरी तरह सुरक्षित रहता है। जो data ,hash,तथा hash of previous block के सिद्धांतों पर काम करता है।

Hash कहने का क्या अर्थ है ?

Hash कहने का अर्थ एक यूनिकल आईडेंटिटी से है यानी क्रिप्टोग्राफिक हस्ताक्षर से है। जिससे डाटा अपरिवर्तनीय तथा पूरी गोपनीयता के सिद्धांतों का प्रतिपादन करता है। ब्लॉकचेन में संग्रहित डाटा टेबल फॉर्म में व्यवस्थित रहता है जिससे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है। 

Blockchain Technology की उपयोगिता ? 

Blockchain Technology(ब्लॉकचेन तकनीकी) को बहुत से क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है जो संबंधित क्षेत्र में उपभोक्ताओं के लिए सुगम तथा सुरक्षित होता है। जैसे शिक्षा के क्षेत्र में, बैंकिंग के क्षेत्र में, हेल्थ सेक्टर में या फिर वोटिंग सिस्टम चुनाव प्रक्रिया में, क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin के क्षेत्र में, यह एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। 

शिक्षण संस्थाओं में Blockchain Technology की उपयोगिता –

इस तकनीकी को निजीशैक्षणिक तथा शैक्षणिक संस्थाओं के समूह राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सभी क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है इस तकनीकी के द्वारा  शिक्षण संस्थानों के द्वारा निर्गत किए जाने वाले प्रमाण पत्र, डिग्री, डिप्लोमा तथा अन्य चीजों की सत्यता के लिए मध्यस्था अनिवार्य नहीं रहेगी।

Paperless  डिग्री अर्थात ब्लॉकचेन आधारित डिग्री पर भी विचार किया जा सकता है। जिससे फर्जीवाड़ा को भी रोका जा सकता है। इसके अलावा बैंकिंग से लेकर हेल्थ केयर विभाग तथा चुनावी प्रक्रिया में भी इसका इस्तेमाल अच्छे परिणाम दे सकता है। जहां corruption के चांसेस बहुत ही नगण्य हो जाएंगे। 

Blockchain Technology एक करियर विकल्प –

ग्रेजुएशन के बाद आप इस दिशा में एक developer  के रूप में आगे बढ़ सकते हैं। स्मार्ट कांट्रैक्ट डेवलपर यानी ब्लॉकचेन डेवलपर की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसके लिए आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी होना आवश्यक है,जैसे जावा, c++, कोडिंग ,पाइथन ,node  आदि की जानकारी होना जरूरी है।

तथा ओपन सोर्स जैसे kubernetes,kafka,dockerआदि की जानकारी आवश्यक है। साथ ही साथ  क्रिप्टोग्राफी प्रोटोकॉल के विषय में भी ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। अतः कुल मिलाकर यह कैरियर के रूप में अच्छा विकल्प साबित होने वाला है। जो आधुनिक समय की मांग के अनुसार है। जिसके द्वारा आप एक अच्छी पैकेज पर देश से लेकर विदेश तक नौकरी पा सकते हैं।

आशा है दोस्तों आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। इस पोस्ट के जरिए मेरा मकसद सरल भाषा में blockchain को समझाना था। जिससे मेरे पाठक तकनीकी को समझ कर अपने भविष्य की योजना को साकार कर सके धन्यवाद। 

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