संदेश लेखन कैसे लिखे? Sandesh lekhan in hindi class 9

संदेश क्या होता है ? what is message writing

संदेश अर्थात मैसेज जो को किसी व्यक्तिविशेष या फिर समूह के लिए लिखते है। इसका इस्तमाल अपनी बात कहने के लिए होता है,जब दूसरा व्यक्ति उस समय मौजूद नहीं होता है। इसलिए संदेश के माध्यम से हम अपनी बात वहा तक पहुचाते है। यह हिन्दी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग है।  

संदेश लेखन क्या होता है ?

संदेश लेखन का मतलब कोई महत्वपूर्ण संक्षिप्त सूचना देना है, किसी व्यक्ति विशेष या समूह के द्वारा किसी व्यक्ति या समूह को बताई जाने वाली अभी प्रेरित महत्वपूर्ण संक्षिप्त सूचना होती हैं।

संदेश लेखन के प्रकार –

संदेश लेखन मुख्य तौर पर दो प्रकार के होते हैं –

औपचारिक संदेश यह ऐसे संदेश है,जो कार्यालय मे दिया जाता है। ईसमे उद्देश्य का होना बहुत आवश्यक है। यह किसी कार्यालय के अधिकारी,कर्मचारी आदि को लिखा जाता है। इसे औपचारिक संदेश कहते हैं यह बैंक,मोबाइल कंपनी, व्यापार संबंधित या प्रधानमंत्री को,आदि को लिखा जाता है। 

अनौपचारिक संदेश– यह एसे संदेश होते है,जो अपने सगे संबंधी या मित्र रिश्तेदार को लिखे जाते हैं, कभी खुशी तथा गम के भाव को दर्शाने के लिए,अतः जो मन के भाव को दर्शाने के लिए इस्तमाल हो अनौपचारिक संदेश कहलाते हैं। जैसे- जन्मदिन सालगिरह आदि के अवसर पर अपने मित्रों या रिश्तेदारों को शुभकामनाएं संदेश लिखना।

 इस भाग मे हम निम्नलिखित संदेशों का अध्ययन करेंगे। 

शुभकामनाएं संदेश – यह किसी के जन्मदिन, किसी प्रतियोगिता में उत्तीर्ण होने पर, कक्षा में प्रथम आने पर,पदोन्नति होने पर,शालगिरह,आदि मे दी जाती है।

उत्सव संदेश – इसे पर्व या त्योहार जैसे दीपावली,होली, ईद आदि पर दिए जाने वाले संदेश को कहते है, यह बहुत ही ज्यादा इस्तमाल होने वाले संदेश है,जो तीज त्योहारों पर दिए जाते है। यह विशेष अवसरों पर दिए जाने वाले संदेश की श्रेणी मे आते है।

धार्मिक संदेश –पुण्यतिथि, शोक संदेश, भागवत कथा का आयोजन,कीर्तन आदि मे संदेश पहुचाने के लिए किए जाते है। 

सामाजिक संदेश -यह समाज को दिए जाने वाले संदेश होते है,जिसमे समाजिक कार्य निहित होते है; जैसे बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव,हर घर चल योजना,आदि। 

मिश्रित संदेश -यह सब तरह के संदेशों का मिश्रण होता है,जहा देश के समस्या तथा वर्तमान मे चल रही समस्या के बारे जैसे कोई महामारी,प्राकृतिक आपदा,देश भक्ति की भावनाओ से प्रेरित संदेश मिश्रित संदेश की श्रेणी मे आते है।

उपसर्ग और प्रत्यय किसे कहते है ?

व्यक्तिगत संदेश – इसमे व्यतिगत संदेशो का निरहित होता है,जैसे अपनी, भावनाओ, अपनी इछाओ,किसी की कामनावों को व्यक्त करना व्यक्तिगत संदेश के श्रेणी मे आता है।

 संदेश लेखन के अंग-

शीर्षक – संदेश लिखते समय सर्वप्रथम शीर्षक लिखा जाता है जैसे जन्मदिन पर शुभकामनाएं संदेश।

दिनांक- शीर्षक लिखने के बाद दिनांक को लिखना चाहिए। दिनांक भी संदेश लेखन का अनिवार्य अंग माना जाता है दिनांक लिखने प्रकार हैं- जैसे 2 जनवरी 20XX

 समय- दिनांक के बाद समय लिखा जाता है। जिस समय संदेश लिखा जाता है उसी समय का वर्णन किया जाता है। जैसे 8:00 बजे शाम 4:00 बजे आदि।

 अभिवादन- अभिवादन का अर्थ है, श्रद्धापूर्वक किए जाने वाला नमस्कार,प्रणाम, जिसके लिए संदेश लिखा जाता  है उसके प्रति संबंध के अनुसार ही समुचित अभिवादन का प्रयोग करना चाहिए जैसे प्रिय मित्र,आदरणीय पिताजी, श्रद्धा पूर्वक चाचा जी इत्यादि।

 मुख्य भाग- संदेश लेखन में मुख्य भाग में विषय का विस्तार किया जाता है तथा कम से कम शब्दों में अपनी बात पूर्ण रूप से कही जाती है। इस प्रकार मुख्य भाग में महत्वपूर्ण जानकारियों का वर्णन होता है। 

प्रेक्षक- प्रेक्षक यानि,संदेश भेजने वाले जिसे प्रेक्षक कहा जाता है। संदेश लेखन में मुख्य भाग के बाद प्रेक्षक का नाम लिखा जाता है। इन्हे भी पढ़े –

संदेश लेखन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए- 

  • संदेश को हमेशा बॉक्स में लिखना चाहिए।
  • बॉक्स के बीचो बीच सबसे पहले शुभकामना संदेश शोक संदेश आदि शीर्षक लिखा जाना चाहिए।
  • बाई तरफ दिनांक तथा उसके नीचे समय लिखना चाहिए।
  • उसके बाद अभिवादन जैसे प्रिय मान्यवर आदि।
  • इसके नीचे मुख्य विषय का वर्णन करें ।
  • वर्णन ज्यादा लंबा ना हो।
  • अंत में प्रेक्षक यानी भेजने वाला का नाम पता होना चाहिए।
  • संदेश लेखन 30 से 40 शब्द की सीमा में लिखना चाहिए।
  • इसलिए शब्द चयन ऐसा होना चाहिए जो सरल संक्षिप्त हो। मुख्य भाव को कम से कम शब्दों में प्रस्तुत हो
  • इसमें विषय अनुकूल चित्रों का समावेश भी किया जा सकता है। विषय के अनुसार दोहे श्लोक या शायरी नारे आदि का प्रयोग भी कर सकते हैं।
  • इसका प्रयोग करके संदेश का विषय आकर्षक बनाया जाता है।

संदेश लेखन का प्रारूप

औपचारिक संदेश लेखन

दिनांक- ….

समय – ….

सम्बोधन ……

विषय वस्तु …………………

………………………………………….

अपना नाम –

अनौपचारिक संदेश लेखन

दिनांक ….

समय ….

सम्बोधन ……

विषय वस्तु …………………

………………………………………….

अपना नाम –

हिंदी दिवस के अवसर पर शुभकामना संदेश लिखिए।

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं  हेतु संदेश 

 दिनांक  14 अगस्त 2019

 समय 8:00 बजे शाम 

आप सभी देशवासियों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिंदी हमारे देश की संस्कृति देश की एकता अखंडता का प्रतीक है। यह हमारी मातृ भाषा है। हिंदी भाषा की गरिमा तथा इसका अस्तित्व बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करना चाहिए ।

हिंदी को हमे कार्यकारी तथा बोलचाल की भाषा में बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को हिन्दी इस्तमाल करने के प्रति प्रेरित जगरूरत करने की जरूरत है। किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती है। इसलिए हिंदी का प्रयोग कर भारत को विश्व पटल पर पहचान दिलानी होगी।

 मोहन शर्मा

 (हिंदी अध्यक्ष)

 स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं हेतु संदेश

 दिनांक 15 अगस्त 2022

 समय 4:00 बजे

 सारे जहां से अच्छा है हिन्दुस्थान हमारा

सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। अनेक वीरों ने देश के मान सम्मान के लिए अपने प्राणों को नौछावर कर दिया। हमें उन बलिदानो के महत्व को समझते हुए देश की आजादी को बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हम खुद को अपराध, भ्रष्टाचार, और जातिवाद से मुक्त करने का प्रण लें।                                                                               जय हिंद

 सोनम त्रिवेदी

(जिला विधायक)

दादा जी से प्राप्त संदेश को अपनी माताजी को लिखिए।

                               माताजी को संदेश

 दिनांक 10 मार्च 2022

 समय  2:00 बजे दोपहर

 आदरणीय माता जी,

आपकी अनुपस्थिति में दादा जी का फोन आया था। उन्होंने कहा कि वह आज शाम के कार्यक्रम में नहीं आ सकेंगे। इसके लिए उन्हें खेद है। वे जल्दी ही हम सब से मिलने हमारे घर आएंगे। अतः आप खुद फोन करके इस विषय में जानकारी ले लीजिए कि वह किस कारण वश से नहीं आ रहे है।

 मोहन

 (आपका पुत्र)

दादा जी के मृत्यु का समाचार देते हुए एक शोक संदेश लिखिए।

                                     शोक संदेश

 दिनांक  15 मई 2022

 समय 12:00 बजे मध्याह

 मान्यवर! अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरे दादा जी राम प्रसाद का स्वर्गवास 10 मई रविवार को हो गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए हमने एक प्रार्थना का आयोजन 23 मई 2020 शनिवार के दिन को सुनिश्चित किया गया है।

अतः आपसे निवेदन है कि आप इस अवसर पर आकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर हमें कृतार्थ करें।

 शोक संतप्त

 रोहित प्रसाद तथा समस्त परिवार