Backlinks क्या है ? जानें 6 तरीके Quality बैकलिंक्स बनाने के!

Backlinks-परिचय

दोस्तों जब हम ब्लॉगिंग करियर शुरू करते हैं तो बहुत सी बातों से अनभिग्न रहते हैं। हमें लगता है कि एक अच्छा आर्टिकल लिख दिया और सोशल शेयरिंग कर दी तब हमारा काम हो गया पर ऐसा नहीं है। हम यही गलत हो जाते है,एक अच्छे आर्टिकल अच्छे कंटेंट लिखकर या फिर मीडिया शेयरिंग कर हम अपने साइड को बेहतर नहीं कर सकते हैं।जब तक यह फर्स्ट पेज पर रैंक न हो। नए ब्लॉक हो या फिर पुराने ब्लॉक को फर्स्ट पेज पर रैंक करना आसान नहीं होता इस के लिए हमें कई फैक्टर का इस्तेमाल करना होता है।

अगर हमें साइट की performence अच्छी करनी है, तो ऑर्गेनिक ट्रैफिक के साथ साइट की रैंकिग में बढ़ोतरी करनी होती है ताकि ऑडियंस सीधे हम तक पहुंच पाए।

इसके लिए जरुरी है की हमारी साइट,हमारा आर्टिकल फर्स्ट पेज पर रैंक करें। जिससे ऑर्गेनिक ट्रैफिक जनरेट हो,जो प्रोफॉर्मेन्सफ के साथ आय का श्रोत्र बनाए। तथा सोशल मीडिया पर निर्भरता भी कम हो जाए। अब सवाल उठता है की हम रैंकिग किस तरीके से बढ़ाए ?

तो दोस्तों हर ब्लॉगर ब्लॉग्गिंग शुरू करने से पहले कुछ बातो से परिचित होता है जैसे seo,keywords,backlinks आदि से लेकिन ये चीजे कैसे काम करती है हम समझ नहीं पाते, तो चलिए आज के इस भाग में हम Backlinks को समझते है तथा जानते है की high quality बैकलिंक्स कैसे बनाए ?

Backlinks क्या है ? बैकलिंक्स की पूरी जानकारी -IN Hindi

सबसे पहले तो ये जानते है यह seo का पार्ट है तथा एक बहुत बड़ी रैंकिंग factor है, google के first पेज पर रैंक करने के लिए। जिसे बैकलिंक्स कहते है। यह एक ऐसा रैंकिंग फैक्टर है, जो आपके पोस्ट को गूगल के फर्स्ट पेज में लाने के लिए बाध्य करता है।

अर्थात यह वह लिंक है जो आपके वेबसाइट को दूसरे वेबसाइट के साथ जोड़ती है,जिससे एक जरिया बनता है ऑडियंस को अपनी साइट तक लाने का।

इसे ऐसे समझते है,मान लो आपक किसी भी तरीके से चाहे गेस्ट पोस्ट या कॉमेंट्स के द्वारा अपने वेबसाइट का URL किसी दूसरे वेबसाइट के वेब पेज के साथ लिंक करते है, तो वह बैकलिंक कहलाएगी। मतलब आप एक लिंक बना रहे हो दूसरी साइट के साथ जिससे आपको अपनी साइट को कुछ फायदा मिल पाए।

जितनी ज्यादा हाई DA अथॉरिटी वाले domain के साथ आपकी वेबसाइट या वेब पेज लिंक रहेगी। उतना ज्यादा chance रहती है की आप first पेज पर रैंक कर जाए। जिससे राह कुछ आसान हो जाए।

इसलिए जितना जरुरी है,एक अच्छा कंटेंट लिखना उतना ही जरुरी है backlinks बनाना। जिसकी जितनी ज्यादा reach होगी दूसरे वेब पेज के साथ,उसकी organic traffic और रैंकिंग उतनी अच्छी होगी। तथा सर्च इंजन भी ऐसे वेब पेज को वरियता देता है,जो अधिक से अधिक वेब पेज से कनेक्ट हो और वह इसे valuble कंटेंट की श्रेणी में रखता है।

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साथ ही साथ backlinks हमें अपने टारगेट ऑडियंस तक पहुंचाती है जिससे हमारा वेबसाइट फेमस और सफल बनता है तथा वेब पेज की रीच आउट बढ़ती है। backlinks दो तरह के होते हैं।

  • 1 Inbound Links
  • 2 External Links

इन दोनों को आपको seo के समय करना होता है। अब सवाल उठता है कि हम Backlinks कैसे बनाएं ? तथा backlinks कितने प्रकार के होते हैं ?और बैंकलिंक बनाते समय किन किन बातों का ध्यान दें ? तथा किस किस माध्यम से हम बैकलिंक बना सकते हैं?

Types of backlinks

backlinks लिंग दो प्रकार के होते हैं, Do Follow तथा No follow .

Do Follow -जब आप अपनी वेबसाइट को किसी दूसरे के वेबसाइट के साथ लिंक करते हैं, तो अगर उस वेबसाइट का ऑनर आपकी वेबसाइट को प्रमोट करता है मतलब आपके कांटेक्ट को वैल्यू देता है तो यह follow करने की इजाजत देता है तो वह Do Follow लिंक कहलाता है।

No Follow -जिस भी वेब पेज के साथ आपने अपना यूआरएल शेयर किया है links किया है अगर वो आपके कंटेंट को आपके आर्टिकल को वैल्यू नहीं देता है, मतलब कि आपको परमिशन नहीं देता है कि लोग आपके दिए गए लिंक से आप तक पहुंच सके, आपके वेबपेज तक पहुंच सके तो वह No Follow backlinks कहलाता है।

नो फॉलो बैकलिक को गूगल भी प्राथमिकता नहीं देता है। हलाकि No Follow बैकलिंक्स से आपको बहुत जयादा तो फायदा नहीं होता पर यह कुछ तो असर जरूर छोड़ता है।

backlinks बनाने के तरीके –

  • Guest post
  • profile backlinks
  • comments backlinks
  • Derectories submission
  • paid backlinks
  • website Backlinks etc

 backlinks क्यों जरूरी है? 

नए ब्लॉगर के लिए आसान नहीं होता अपनी ऑडियंस तक पहुंचना तथा रैंक करना। इसलिए Backlinks के द्वारा हम माध्यम बनाते है आर्गेनिक ट्रैफिक के लिए। जब हम एक आर्टिकल लिखते हैं तो उसका हम seo (search engine optimization ) करते हैं जो हमारे आर्टिकल की भाषा बनती है।

जिससे कारन सर्च इंजन समझता है कि हमारा आर्टिकल कैसा है किस विषय पर है। seo के दो सबसे महत्वपूर्ण घटक होते हैं, पहला keywords और दूसरा backlinks .

demanding keywords,best seo,quality backlinks इसी के द्वारा आपकी पोस्ट की, आपके वेब पेज की DA/PA बढ़ता है।

तथा गूगल उन पोस्टों को ऊपर दिखाता है जिनकी क्वालिटी अधिक होती है तथा जो दूसरे वेबसाइट से ज्यादा से ज्यादा लिंक रहते हैं।

इसलिए हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम सही नंबर में बैकलिंक्स अपने वेब पेज के लिए तैयार करें। जिससे यह हमारे गूगल के फर्स्ट पेज पर आसानी से रैंक हो न सके।

 Backlinks बनाने समय ध्यान देने योग्य बातें-

  • हमेशा कोशिश करें कि हाई डोमेन अथॉरिटी वाले वेबसाइट से ही बैकलिंक्स बनाएं।
  • बैकलिंक्स बनाने से पहले साइट की जिससे आप लिंक ले रहे हो उसका spam score जरूर चेक करें।
  • रेलीवेंट ब्लॉग या टॉपिक पर ही लिंक बनाएं।
  • हमेशा अपने niche को ध्यान में रखकर ही बैकलिंक्स बनाएं।

गेस्ट पोस्ट के द्वारा भी आप बना सकते हैं यह एक बहुत ही फेमस तरीका है अपनी ऑडियंस तक पहुँचने का। फोरम भी एक जरिया है बैकलिंक्स बनाने का जिससे हम अपनी रैंकिंग इंप्रूव कर सकते हैं। question answer साइटों से भी हम बैकलिंक्स बना सकते हैं।

अपने साइट एनालाइजर को समझकर उसके अनुरूप क्वालिटी बैकलिंक्स बनाकर index हो सकते हैं। इमेज सबमिशन के द्वारा भी बना सकते हैं। इंफोग्राफिक सबमिशन से भी क्वालिटी बैकलिंक्स बना सकते हैं।

निष्कर्ष –

आशा है दोस्तों आपको यह भाग समझ में आया होगा। तथा बैकलिंक्स में संबंधित सारे सवालो के जवाब मिले होंगे। अगर आपको ब्लॉग से संबंधित कोई सवाल या कोई सलाह हो तो मुझे जरूर लिखे,आपके सवालों के जवाब देने में मुझे खुशी महसूस होगी धन्यवाद !

4 thoughts on “Backlinks क्या है ? जानें 6 तरीके Quality बैकलिंक्स बनाने के!”

  1. बहुतसे वेबसाइट का स्पैम स्कोर 11+ लिखा आतै है, तो क्या उसपर बैकलिंक बनाना ठिक होगा?

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