blogging kya hai ? ब्लॉगिग से जुड़ी सभी बातें -in Hindi

blogging kya hai ?

blogging वह कार्य है जिसमें हम अपनी रूचि अपने ज्ञान अपने अनुभव को ब्लॉग या वेबसाइट के माध्यम से लोगों में साझा करते हैं। यह साझा करने की प्रक्रिया जब निरंतर होती है तब वह blogging (ब्लॉगिंग) करना कहलाती है।

blogging अब एक अच्छा करियर विकल्प भी माना जा है, क्योंकि लोग अब ज्यादा से ज्यादा internate पर ही समय बिताते है और डिजिटल माध्यम से ही जानना और सीखना पसंद करते है,इसलीए अगर आपकी किसी विषय पर अच्छी पकड़ है तो आप blogging से आप सफल करियर तथा अच्छे आय का श्रोत्र भी बना सकते है। 

blogging मे सफल होने के लिए पहले इसे समझना तथा इससे संबंधित सभी चीजों को जानना बहुत आवश्यक है। तो चलिए कोशिश करती हू अपने अनुभव से आपको ब्लॉगिंग के बारे मे सरल,साफ शब्दों मे समझा सकू।

इस क्षेत्र में हमें कुछ बातों को जानना समझना बहुत जरूरी है,जैसे ब्लॉक किसे कहते हैं ? ब्लॉग और blogging मे क्या अंतर है। कीवर्ड क्या है ? ऑप्टिमाइजेशन क्या है ? कंटेंट राइटिंग क्या है ? वेबसाइट बिल्डिंग क्या है ? इत्यादि इत्यादि।

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इन सभी बातों की जानकारी आपको एक सफल ब्लॉगर बनने की राह  को आसान करता है। तो चलिए शुरू से शुरू करती हूं तथा अपने अनुभव के आधार पर आपको इस विषय को समझाने का प्रयास करती हूं।

सबसे पहले समझते हैं ब्लॉग क्या है बिना ब्लॉक की परिभाषा जाने इसकी उपयोगिता जाने हम blogging को समझ नहीं पाएंगे। 

what is Blog ? ब्लॉग क्या है –

ब्लॉग एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसमें आपको अपने ज्ञान अपने विचार अपने अनुभव अपने आइडिया को दुनिया के सामने रखने का माध्यम बनती है। यह एक जरिया बनती है जिसमें हम अपनी प्रतिभा को लिखित फॉर्म में दुनिया के सामने रख सके।

जैसे हम फेसबुक पर अपने विचार अपने पिक्चर को शेयर करते हैं उसी तरह ब्लॉक में हम अपनी समझ अपने ज्ञान को शेयर करते हैं। जिससे इक्षुक व्यक्ति आपकी दी गई जानकारी का लाभ उठा सके।

इस प्लेटफॉर्म मे आपको अनेक tools मिलते है जिसके जरिए आप अपनी समझ अपनी कलात्मक कौशलता से अपने reader के लिए बेहतर कंटेन्ट तैयार कर सकते है। 

blogging करने के लिए कुछ तो फ्री साइट है जैसे ब्लॉगर जो गूगल का प्रोडक्ट है। यह बिल्कुल फ्री है इसमें अकाउंट बनाकर आप अपने ब्लॉगिंग करियर की शुरुआत कर सकते हैं तथा कुछ paid service जैसे wordpress जिसमें आप अकाउंट बनाकर अपने blogging करियर को शुरू कर सकते हैं।

आप अपनी क्षमता अपनी इच्छा के अनुरूप किसी का भी चयन कर सकते हैं। अर्थात हम कह सकते है ब्लॉग एक प्लेटफार्म है जँहा हम अपने ज्ञान को साझा करते है और जब यह प्रक्रिया निरंतर चलती है तो यह blogging करना कहलाती है।

 ब्लॉक बनाने के लिए दो चीजों का होना बहुत आवश्यक है,1 डोमेन तथा 2 होस्टिंग इसके अलावे और भी बहुत सारी चीजे होती है। चलिए एक एक करके समझते हैं.

what is Hosting ? होस्टिंग क्या है-

बेब होस्टिंग के जरिए ही हम अपनी website को internet पर upload कर पाते है । यह एक ऐसी सेवा है जो आपके वेबसाइट को इंटरनेट में जगह देने का काम करती है। इसी के द्वारा आपकी वेबसाइट दुनिया के हरेक कोने में पहुँचती है।

List of hosting service –

  • bluehost
  • hostinger
  • Cloudways
  • siteground
  • Godaddy
  • dreamhost
  • hostgator

What is domain? डोमेन क्या है-

यह आपके वेबसाइट का address होती है सरल शब्दों में कहें तो, यह आपके व्यवसाय का नाम होता है जिससे आपकी वेबसाइट को पहचान मिलती है। यह पूर्ण रूप से आप पर निर्भर है कि आप अपने वेबसाइट का नाम क्या रखते हैं। डोमेन नेम को विभिन्न प्रकार के एक्सटेंशन से जोड़ा जाता है जैसे-

  • . com
  • . commercial
  • . org
  • .org
  • . Net
  • . government
  • .edu   
  • .dot
  • .info

 list of domain provider-

  • Domain.com
  • hostinger
  • namecheap.com
  • Google Domains
  • Enon.com
  • dynadot.com
  • Namesilo.com
  • GoDaddy.com
  • Name .com

Wireframing kya hai ?

ब्लॉग के लिए तो हमने डोमेन और होस्टिंग ले ली। लेकिन इसके बाद आपको अब  website build करना होगा अर्थात वेबसाईट दिखने मे कैसी होगी,उसका डिजाइन क्या होगा ? जिससे यूजर को इस्तमाल करने में आसनी हो।

वेब पेज दिखने में सुंदर तथा व्यवस्थित लगे इसके अंतर्गत ले आउट, कलर टेक्स, इमेज, ग्राफिक, कंटेंट आदि की व्यवस्थित करने की प्रक्रिया होती है। इसके 3 घटक होते हैं।

इंफॉर्मेशन डिजाइन- इसके अंतर्गत वेबसाइट पर काम होता है, जिसमें वेबसाइट के जरूरतों का ध्यान रखा जाता है।

नेविगेशन डिजाइन- इसके द्वारा वेबसाइट के बटन को डिजाइन किया जाता है।

इंटरफेस डिजाइन- इसमें वेबसाइट के इंटरफ़ेस को यूजर फ्रेंडली बनाया जाता है।

कंटेंट राइटिंग क्या होती है?-

कंटेंट का मतलब, किसी भी विषय पर विस्तार से विवरण लिखना जो सभी तथ्यों तथा प्रमाण के साथ मौजूद हो जो अपने रीडर की हर queary का जबाब देते हो तो, उसे कंटेंट राइटिंग कहते हैं। सरल शब्दों में कहे तो, किसी विषय पर आर्टिकल लिखना कंटेंट राइटिंग कहलाता है। कंटेंट राइटिंग के लिए जो सबसे जरूरी तत्व होते हैं वह है, Niche

blogging में करियर को शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको अपने लिए एक niche सेलेक्ट करना बहुत जरूरी है। यह आपके ब्लॉग की दशा और दिशा तय करती है। यह ब्लॉक का सबसे जरूरी हिस्सा होता है।

Niche क्या है ?

Niche आपके ब्लॉक का टॉपिक होता है, जिसके बारे में आप reder को valuble information देते हो। इसे आप सब्जेक्ट भी कह सकते हैं। जिसमे आपको अच्छी समझ होती है। अगर कुछ profitable niche की बात करे तो यह इस प्रकार है।

  • Health
  • fasion
  • education
  • Travel
  • Lifestyle
  • relationships
  • finance
  • make money online
  • Real estate
  • career
  • food
  • biography .

अब प्रश्न ये आता है की हम अपना niche कैसे चुने ? तो दोस्तों मैं अपने अनुभव के आधार पर बताना चाहती हु। कि आपको वही niche अपनानी चाहिए। जो आपके रूचि और आपके ज्ञान के अनुकूल हो,कहने का मतलब की आपको जिस विषय में अच्छी पकड़ हो,अपने ऑडियंस को उस विषय का समूचा ज्ञान उपलब्ध करा सके। ऑडियंस के सारे query का जवाब दे पाए।

उसी विषय को आपको प्राथिमिकता देनी चाहिए। आपको वही niche सेलेक्ट करना चाहिए। जिस सब्जेक्ट पर आपकी कमांडिंग हो। जिससे आप अपने ऑडियंस को उस विषय पर अच्छे से समझा पाए तथा अपने ऑडियंस की  सारे प्रश्नों का जवाब दे पाए। niche दो प्रकार के होते है micro niche तथा macro niche निचे दिए गए लिंक में इसकी इसकी विस्तृत चर्चा मिलेगी।

keywords क्या है ?

keywords एक ऐसा शब्द या वाक्य है। जिसपर आपका पूरा लेख या आर्टिकल based होता है। यह वह खोजी शब्द या वाक्य है,जिसके बारे में लोग जानना चाहते है। जिसे लोग सर्च इंजन में टाइप कर खोजते है। जैसे मेरे इस आर्टिकल को ही ले ले तो इसका keyword है blogging क्या है ? अब जो लोग सर्च इंजन में blogging टाइप करेंगे तब सर्च इंजन तेजी से स्क्रॉल कर आपको सबसे बेहतर रिजल्ट show करेगा।

इसलिए keyword वह शब्द या वाक्य है। जो लोगो के द्वारा सर्च किए जाते है। keywords ही ब्लॉग्गिंग में रीढ़ की हड्डी होता है। जिसपर ब्लॉग की सफलता निर्भर रहती है। यह भी दो प्रकार के होते है। Long tail keywords और short tail keywords दिए गए लिंक में मैंने इसे विस्तार से समझाया है। आप क्लिक कर इसे पढ़ सकते हो।

 SEO ऑप्टिमाइजेशन क्या है ?

SEO का full form search engine optimization होता है। यह एक set of instruction है। जो आपको बताता है की आपको अपने आर्टिकल को किस प्रकार से व्यवस्थित करनी है

जैसे आपको minimum कितने words  की आर्टिकल की लेंथ रखनी है। heading और subheading कितनी रखनी है। पैराग्राफ को कितना लम्बा रखना है इत्यादि इत्यादि। seo आपके आर्टिकल की भाषा बनती है जो सर्च इंजन को यह समझाती है कि आपका आर्टिकल कैसा तथा किस विषय पर है,जिसके कारन यह आपके reder तक आपके content को पहुँचा पाती है। yoast seo  तथा rank math seo की सर्विस अभी तक की बेहतरीन सर्विस है। seo दो तरह से करनी होती है। एक onpage seo और  offpage seo 

यँहा click करें – SEO कैसे करें

 Onpage seo-इसका मुख्य काम होता है आपके आर्टिकल को ऑप्टिमाइज़ करना। जिससे सर्च इंजन में यह first पेज के टॉप में अपनी जगह बना सके। यह onsite techniques कहलाती है जिसमे title,heading,subheading content length,paragraph length,photo optimization,outbound link,inbound link,meta description,keywords placements आदि शामिल होता है। 

Organic traffic को कैसे boost करें ?

 Offpage seo -यह आपके डोमेन अथॉरिटी को बढ़ाने में मदद करता है। सर्च इंजन रैंकिंग में मदद करता है। तथा आपके साइट का ब्रांड बिल्ड करने में सहायक होता है। इसके साथ और भी कई फैक्टर होते है,जैसे core web vital,social sharning etc .

आशा है दोस्तों आपको blogging क्या है तथा इसके लिए आपको किन किन बातो को ध्यान में रखने की जरूरत पड़ेगी। आसान शब्दों में समझ आयी होगी। आने वाले अगले भाग में इसके और भी जरूरी तत्वों की जानकारी साझा करती रहूँगी। अगर इससे संबंधित कोइ प्र्शन है,मुझे कमेंट या ईमेल कर सकते है। आपके प्रश्नो का इंतज़ार रहेगा। धन्यवाद    

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